संगणक केंद्र (कंप्‍यूटर सेंटर)

संगणक केंद्र के प्रमुख अपर महानिदेशक (आईएसएस) और तकनीकी निदेशक होते हैं। संगणक केंद्र की स्‍थापना मंत्रिमंडल सचिवालय के तत्‍कालीन सांख्यिकी विभाग के अधीन वर्ष 1967 में की गई थी। उस समय इसके पास 3 हनी वेल – 400 कंप्‍यूटर सिस्‍टम थे ताकि विभिन्‍न सरकारी मंत्रालयों/ विभागों/ संगठनों और दिल्‍ली में और उसके आसपास स्थित सरकारी क्षेत्र के उपक्रमों की डेटा संसाधन संबंधी आवश्‍यकता को पूरा किया जा सके। हनी-वेल 400 सिस्‍टम के स्‍थान पर और अधिक शक्तिशाली थर्ड जेनरेशन वॉर्फ्स-3845 मेन फ्रेम कंप्‍यूटर प्रणाली वर्ष 1981 में लाई गई थी। लगभग एक दशक के बाद वॉर्फ्स-3845 कंप्‍यूटर प्रणाली के स्‍थान पर मई, 1992 में फोर्थ जेनरेशन मेन फ्रेम कंप्‍यूटर प्रणाली डीपीएस-7000/240 स्‍थापित की गई। अब इस केंद्र के पास विंडो 2008 का प्रयोग करते हुए क्‍लाइंट/सर्वर आर्किटेक्‍चर के अधीन अति आधुनिक पीसी आधारित कंप्‍यूटर प्रणाली है, जो प्रचालन प्रणाली के रूप में और आरडीबीएमएस के रूप में ऑरेकल 10जी है और उसके साथ सॉफ्टवेयर टूल्‍स विजुअल स्‍टूडियो 2008, एसपीएसएस 17 और एसटीएटीए/ एमपी 12 है। अब यह केंद्र सर्वर-एचपी सर्वर, एचसीएल सर्वर, सन माइक्रोसिस्‍टम वेब सर्वर और आईबीएम सर्वर से सु‍सज्जित है। प्रयोक्‍ताओं की सुविधा के लिए मंत्रालय का डेटा केंद्र चौबीसौं घंटे अर्थात 365X24X7 पर चलता रहता है।

संगणक केंद्र को निम्‍नलिखित दायित्‍व सौंपे गए हैं:

  • इलेक्‍ट्रॉनिक डेटा संसाधन (प्रोसेसिंग), जिसमें डेटा तैयार करना और उस का प्रबंध भी शामिल है।
  • सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय के लिए अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर विकसित करना।
  • मंत्रालय की वेबसाइट का अभिकल्‍प (डिजाइन) तैयार करना, उसका विकास और अनुरक्षण करना।
  • सीपीआई सशुल्‍क डेटा संसाधन, सूचकांक का संकलन और उसे प्रति माह वेब पोर्टल पर डालना।
  • आईएचएसएन टूल किट का प्रयोग करते हुए अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार डेटा प्रलेखन, आर्काइव करना और उसका प्रसारण करना।
  • मंत्रालयों द्वारा प्रायोजित आईएसएस/आईएसएस परिवीक्षाधीन अधिकारियों/ गैर-आईएसएस संवर्ग के अधिकारियों और यूएनडीपी द्वारा प्रायोजित अधिकारियों के लिए आईटी प्रशिक्षण आयोजित करना।
  • एसएएस बीआई टूल का प्रयोग करते हुए, मंत्रालय द्वारा की जाने वाली छठी आर्थिक गणना और अन्‍य गणना तथा सर्वेक्षणों के जीआईएस आधारित वेब सक्षम ऑनलाइन क्‍वेरी सिस्‍टम का विकास करना।
  • एसएएस वीए बीआई टूल का प्रयोग करते हुए नेशनल फैक्‍टशीट ऑन इंडिया इकॉनमी (एनएफआईई) संकेतकों का विकास करना।
  • माइक्रोडेटा के प्रलेखन संबंधी राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्रों के डीईएस कार्मिकों के लिए कार्यशाला एवं प्रशिक्षण आयोजित करना।
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